Lagta hai hume apse pyar ho raha hai
Aap aa jaiye yahan jaldi se
Apka besabri se intezar ho raha hai
दोस्ती से कीमती कोई जागीर नही होती;
दोस्ती से खूबसूर्त कोई तस्वीर नही होती;
दोस्ती यूँ तो कचा धागा है मगर;
इस धागे से मजबूत कोई ज़ंजीर नही होती! —
Kaisa Chahto Ka Silsila Hai,
Na Unse Koi Shikayat Na Koi
Gila Hai Zindgi Kis Mod Par
Le Aayi Hai Hume, Na Pane Ki
Himmat Hai Na Khone Ka
Hosla Hai
दिल ने आज फिर तेरे दीदार
की ख्वाहिश
रखी है.....
अगर फुरसत मिले तो ख्वाबों मे आ जाना......
एक जुर्म हुआ है हम से एक यार बना बैठे हैं
कुछ अपना उसको समझ कर सब राज़ बता बैठे हैं
फिर उसकी प्यार की राह में दिल ओर जान गवा बैठे हैं
वो याद बहुत आते हैं जो हुमको भुला बैठे हैं
दर्द की बारिशों में हम अकेले ही थे,
जब बरसी ख़ुशियाँ ...
न जाने भीड़ कहा से आई.........
कोई मुझ से पूछ बैठा 'बदलना' किस को कहते हैं?
सोच में पड़ गया हूँ मिसाल किस की दूँ ?
"मौसम" की या "अपनों" की ?? By Shikha Verma