दोस्ती से कीमती कोई जागीर नही होती;
दोस्ती से खूबसूर्त कोई तस्वीर नही होती;
दोस्ती यूँ तो कचा धागा है मगर;
इस धागे से मजबूत कोई ज़ंजीर नही होती! —
Thursday, 21 August 2014
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दोस्ती से कीमती कोई जागीर नही होती;
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दोस्ती यूँ तो कचा धागा है मगर;
इस धागे से मजबूत कोई ज़ंजीर नही होती! —
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